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Aarambh 1

आरम्भ एक नवीन प्रस्तुति है जो पूर्णतया एक नवचारी सोच एवं दृष्टि पर आधरित है| इसमें भाषा के सभी कौशल – सुनना , बोलना, पढ़ना, लिखना और चिंतन क्षमता के विकास का धयान रखा गया है|

आरम्भ एक नवीन प्रस्तुति है जो पूर्णतया एक नवचारी सोच एवं दृष्टि पर आधरित है| इसमें भाषा के सभी कौशल – सुनना , बोलना, पढ़ना, लिखना और चिंतन क्षमता के विकास का धयान रखा गया है|

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ISBN

9789352771202

Format

Paperback

First Edition

2016

Latest Edition

2019

Books of the Series

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  • ClassClass 1
  • LevelFoundational
  • स्तरानुसार सरल तथा रोचक पाठ्य सामग्री
  • पूरक पठन सामग्री और चित्रकथा पुस्तक में समावेश
  • भाषिक कौशलों – सुनना , बोलना, पढ़ना और लिखना सीखाने के लिए स्तरीकृत अभयास
  • रोचक गतिविधि दवारा पाठ की शरुआत
  • शिक्षिक लक्ष्यों की पूर्ति हेतु विवविध प्रकार के प्रशनो का समावेश
  • पाठांत अभ्यासों में भाषा के उच्चतर कौशलों -चिंतन , मनन,कल्पना ,अभिव्यक्ति के विकास हेतु प्रयाप्त अवसर
  • प्रसंगाधीन वैयाकरण और शब्द भंडार में विर्धि तथा शुद्थ वर्तनी हेतु मनोरंजक अभयास
  • संप्रेषन दक्षता में वर्द्धि के लिए सुनना -कहना में विविध अभ्यासों का समावेश
  • कल्पना शक्ति जगाने के लिए आकर्षक चित्रों दवारा प्रस्तुति
  • हिंदी पाठमाला 0 -८
  • शिक्षण संसाधन 0-८
  • शिक्षिको हेतु दिजिस्वीट 0-८
  • Multimedia eBook: Consists of animations, audio, video, slide shows, and interactive exercises
  • Print-ready Worksheets: Additional worksheets for practice and reinforcements, present in the digital support
  • Digital Flashcards: Flashcards with embedded sounds and animations for letter formation and letter-sound association
  • Animations and Songs: Animated stories and rhymes set to tune
  • Interactive Games: Interactivies to reinforce concepts in a fun and engaging manner

ममता जायसवाल विगत सत्रह वर्षो से प्राइमरी स्कूल के बच्चों के अध्यापन से जुड़ी हुई हैं| आप आजकल सनबीम स्कूल की प्रधाचार्य एवं डी .ए . वी. अकादमी , टांदा की बोर्ड मेमबर हैं | बच्चो को मानसकि दवाब से मुक्त कर ‘खेल विधि’ दवारा उनकी सर्जनातमक को विकसित करना उनका सविंधारिता धयाय ध्येय है | अपनी शिक्षण पद्धतियोंa को लोकप्रिय बनाने के लिए आप समय – समय पर कार्यशालाओ का आयोजन करती रहती हैं |

विभा सक्सेना विगत दो दशक से स्कूलों में बच्चो के अध्यन से जुडी हुई हैं | बाल पत्रिका ‘पराग’ के उप-संपादक से अपने कार्यकाल की शरुआत करके आपने लगभग तेरह वर्ष तक श्रीराम स्कूल में अध्यापन किया| उसके उपरांत दिल्ली पब्लिक स्कूल और दूरदर्शन में कार्य किया | आप एन.सी.ई.आर.टी की हिंदी पाठय पुष्तक समिति की सदस्य भी रही है | आप इस समय एक गैर सरकारी संस्था, ‘विदया और बच्चे ‘ में संलगन हैं |